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Friday, February 28, 2014

BAHNEIN!--THE SISTERS!

एक  ही माँ  के आँचल  में  पली ;
एक  ही साथ  खेलीं , एक साथ बढी ;

एक दुसरे  को  बेपनाह  प्यार  किया ;
एक साथ, एक जैसे ही सपने देखे ;

हाँ पर ये भी एक सच है ;
पेड़ों  की  दो शाखों की तरह ;

तक़दीर उन्हें दो विपरीत दिशाओं में ले जाती है;
जो शायद कभी नहीं मिलते है ;

वो प्यार, वो अपनापन ;
वो सपने, वो बचपन ;


बस यादें बन कर रह जाती हैं ;
अकेले में आँखें नम कर जाती हैं। 


Chitrangada Sharan,
28.02.2014
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Image source: Chitrangada Sharan Images